India Launches AI & Computational Thinking Curriculum for Schools: कक्षा 3 से 8 तक बड़ा बदलाव
भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार ने 2026-27 शैक्षणिक सत्र से स्कूलों में Artificial Intelligence (AI) और Computational Thinking (CT) को शामिल करने का फैसला लिया है। यह नया पाठ्यक्रम कक्षा 3 से 8 तक के छात्रों के लिए लागू होगा और इसका उद्देश्य बच्चों को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार करना है।
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# क्या है नया AI और Computational Thinking पाठ्यक्रम?
शिक्षा मंत्रालय के इस फैसले के तहत अब छोटे बच्चों को भी टेक्नोलॉजी की बुनियादी समझ दी जाएगी। कक्षा 3 से ही बच्चों को लॉजिकल थिंकिंग, प्रॉब्लम सॉल्विंग और डिजिटल समझ जैसी स्किल्स सिखाई जाएंगी।
यह पाठ्यक्रम NEP 2020 (नई शिक्षा नीति) और NCF 2023 (नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क) के अनुसार तैयार किया गया है, ताकि बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ा जा सके।
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# किन कक्षाओं के लिए क्या होगा खास?
कक्षा 3 से 5:
बच्चों को बेसिक लॉजिक, पैटर्न पहचान और आसान गतिविधियों के जरिए सोचने की क्षमता विकसित कराई जाएगी।
कक्षा 6 से 8:
इसमें AI के शुरुआती कॉन्सेप्ट जैसे डेटा, लॉजिकल एनालिसिस और बेसिक टेक्नोलॉजी की समझ दी जाएगी।
सबसे खास बात यह है कि इस पढ़ाई में ज्यादा स्क्रीन टाइम नहीं होगा। बच्चों को प्रैक्टिकल एक्टिविटी, प्रोजेक्ट और पेपर-बेस्ड लर्निंग के जरिए सिखाया जाएगा।
Latest Update: India Launches AI & Computational Thinking Curriculum for Schools
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# क्यों लिया गया यह फैसला?
आज के समय में AI तेजी से हर क्षेत्र में इस्तेमाल हो रहा है- चाहे वह नौकरी हो, बिजनेस हो या शिक्षा। ऐसे में सरकार चाहती है कि बच्चे शुरुआत से ही इस टेक्नोलॉजी को समझें।
इस पहल का मकसद है:
•बच्चों में क्रिटिकल थिंकिंग विकसित करना।
•भविष्य के लिए जरूरी स्किल्स देना।
•टेक्नोलॉजी को सही और जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना सिखाना।
•सरकार का मानना है कि AI अब सिर्फ एक विषय नहीं, बल्कि एक जरूरी स्किल बन चुका है।
~Education Ministry Direct Link: https://www.education.gov.in/

# टीचर्स की ट्रेनिंग भी होगी
इस नए पाठ्यक्रम को लागू करने के लिए शिक्षकों की ट्रेनिंग पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। NISHTHA जैसे प्रोग्राम के जरिए लाखों शिक्षकों को ट्रेन किया जाएगा, ताकि वे बच्चों को सही तरीके से AI और CT सिखा सकें।
इसके अलावा, NCERT द्वारा किताबें, डिजिटल कंटेंट और स्टडी मटेरियल भी तैयार किया जाएगा।
India Launches AI & Computational Thinking Curriculum for Schools, Details:
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# भारत के लिए क्यों है यह बड़ा कदम?
भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो रहा है जो इतनी छोटी उम्र से AI शिक्षा शुरू कर रहे हैं। इससे आने वाले समय में देश के बच्चों को टेक्नोलॉजी में मजबूत आधार मिलेगा।
यह पहल न सिर्फ शिक्षा को आधुनिक बनाएगी, बल्कि बच्चों को भविष्य के जॉब मार्केट के लिए भी तैयार करेगी।
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# क्या होगा छात्रों पर असर?
• पढ़ाई ज्यादा इंटरैक्टिव और दिलचस्प होगी।
• बच्चों में नई चीजें सीखने की रुचि बढ़ेगी।
• टेक्नोलॉजी से डर खत्म होगा।
• भविष्य के करियर के लिए मजबूत नींव बनेगी।
# निष्कर्ष
भारत में कक्षा 3 से AI और Computational Thinking की शुरुआत शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो बच्चों को भविष्य की तकनीकी दुनिया के लिए तैयार करेगा।
# FAQ
Q1. AI पाठ्यक्रम कब से शुरू होगा?
2026-27 शैक्षणिक सत्र से यह लागू होगा।
Q2. किन कक्षाओं के लिए यह अनिवार्य है?
कक्षा 3 से 8 तक के छात्रों के लिए।
Q3. क्या बच्चों को ज्यादा स्क्रीन पर पढ़ाया जाएगा?
नहीं, इसमें प्रैक्टिकल और एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग पर ज्यादा फोकस रहेगा।
Q4. क्या शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी?
हाँ, NISHTHA जैसे प्रोग्राम के जरिए ट्रेनिंग दी जाएगी।
Q5. इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
बच्चों को भविष्य की तकनीक और स्किल्स के लिए तैयार करना।